एक मुस्लिम महिला ने भी हिंदू महिलाओं के साथ की पूजा-अर्चना, 18 बंदी दंपतियों को कराया गया मिलन
बुलंदशहर: जिला कारागार बुलंदशहर में करवा चौथ का पर्व आस्था, पारिवारिक रिश्तों और आपसी सौहार्द के माहौल में मनाया गया। जेल के महिला अहाते में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 25 महिला बंदियों ने अपने पति की लंबी उम्र की कामना के साथ व्रत रखा। इस अवसर पर एक मुस्लिम महिला बंदी ने भी अन्य महिलाओं के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया।
करवा चौथ के पर्व को लेकर कारागार प्रशासन और एक स्वयंसेवी संस्था की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। महिला बंदियों को 27 अक्टूबर को ही श्रृंगार और पूजा से संबंधित सामग्री उपलब्ध करा दी गई थी, जिससे वे पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार त्योहार मना सकें।
65 महिला बंदियों में से 25 ने रखा व्रत
जिला कारागार के महिला अहाते में कुल 65 महिलाएं निरुद्ध हैं। इनमें से 25 महिला बंदियों ने करवा चौथ का व्रत रखा। महिलाओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। इस दौरान एक मुस्लिम महिला की सहभागिता भी चर्चा का विषय रही, जिसने धार्मिक सद्भाव और आपसी सम्मान का संदेश दिया।
18 बंदी दंपतियों को कराया गया मिलन
करवा चौथ के अवसर पर कारागार प्रशासन की ओर से 18 बंदी दंपतियों की मुलाकात की व्यवस्था भी की गई। शाम के समय कारागार के बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित इस मुलाकात के दौरान दंपतियों को एक-दूसरे से मिलने का अवसर मिला।
जेल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को त्योहार की खुशियों से जुड़ने और अपने पारिवारिक रिश्तों को महसूस करने का अवसर मिला। कारागार प्रशासन की व्यवस्थाओं के बीच मनाए गए इस पर्व ने आस्था, रिश्तों की अहमियत और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।



