बुलंदशहर जिला कारागार में रक्षाबंधन पर 1532 मुलाकातियों ने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। बहनों ने तिलक, आरती और मिष्ठान खिलाकर भाई-बहन के प्रेम का पर्व मनाया। जेल प्रशासन ने मुलाकातियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं।
बुलंदशहर: जिला कारागार में रक्षाबंधन का पर्व भावनात्मक माहौल में मनाया गया। बंदियों से मुलाकात के लिए बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं। उन्होंने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और कलाई पर राखी बांधकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से मुलाकातियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
रक्षाबंधन को लेकर जिला कारागार के बाहर टेंट और कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। मुलाकातियों के लिए शीतल पेयजल और मिष्ठान की व्यवस्था रही। सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी संचालित किया गया। वहीं, जेल परिसर के अंदर राखी, रोली, अक्षत, दीपक, मिष्ठान और थाली आदि की व्यवस्था की गई। गर्मी से राहत के लिए पंखे और बैठने की उचित व्यवस्था भी की गई।

राखी बांधकर मनाया भाई-बहन का पर्व
रक्षाबंधन के गीतों के बीच बहनों ने भाइयों को तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद मिष्ठान खिलाकर आरती की गई। लंबे समय बाद मिले भाई-बहन भावुक भी नजर आए। बहनों ने भाइयों के बेहतर भविष्य और सुखद जीवन की कामना की।
जेल प्रशासन के अनुसार, रक्षाबंधन के अवसर पर जिला कारागार में कुल 1532 मुलाकाती पहुंचे। इनमें 1271 महिलाएं, 7 पुरुष और 254 बच्चे शामिल रहे। इन मुलाकातियों ने जेल में निरुद्ध 680 पुरुष और 5 महिला बंदियों से मुलाकात की।

महिला बंदियों के लिए भी विशेष व्यवस्था
महिला अहाते में निरुद्ध उन महिला बंदियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई, जिनके भाई जेल में बंद हैं। उनके लिए सुबह अलग समय निर्धारित कर रक्षाबंधन मनाने की व्यवस्था की गई।
मुलाकातियों ने जेल प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। अधिकारियों के अनुसार रक्षाबंधन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


